मनोज नौडियाल
कोटद्वार। राजकीय बेस हास्पिटल में सेवा से हटाए गए आउटसोर्स कर्मचारियों ने हास्पिटल गेट के सामने धरना दिया। बता दें कि आउटसोर्स कर्मचारी फिर से सेवा में लेने की मांग कर रहे हैं। हटाएं गये कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनका समायोजन नहीं हो जाता तब तक उनका धरना जारी रहेगा। इसको लेकर उनके द्वारा अपनी मांगो का एक ज्ञापन भी उपजिलाधारी के मध्यम से उत्तराखंड मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया।
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स्टेट हेल्थ लाइन वर्कर यूनियन के अध्यक्ष हिमांशु जुयाल के नेतृत्व में हटाए गए कर्मचारी बेस हास्पिटल में एकत्र हुए, जहां उन्होंने विभाग के खिलाफ नारेबाजी की ओर हास्पिटल के गेट के सम्मुख धरने पर बैठ गये। कर्मचारियों ने कहा कि कोराना काल में उनके बेहतर सेवाओं को देखते हुए उन्हें सेवा का मौका मिलना चाहिए। कोराना काल में जहा अधिकांश कर्मचारियों हास्पिटल में आने से डर रहे थे, वहीं आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की बेहतर देखभाल की।
जिससे हजारों मरीजो की बेहतर देखभाल भी हुई और हजारों मरीजो की जान बच पाई है। वहीं उन्होंने बताया कि राजकीय बेस हास्पिटल में आउटसोर्स के माध्यम से हटाए गए कर्मचारियों को अभी तक साढ़े चार माह का मानदेय भी नहीं मिला है। धरने पर बैठे कर्मियों का कहना था की उन्हें चार माह का वेतन दिए बिना ही सेवाओं से विरत कर दिया। नतीजतन उनके समक्ष रोटी का संकट खड़ा हो गया है!
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