पौड़ी में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करतीं जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया


पौड़ी में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर डीएम स्वाति भदौरिया सख्त, एंबुलेंस से लेकर अल्ट्रासाउंड तक दिए अहम निर्देश

जनपद में सुलभ, सुरक्षित और त्वरित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर

पौड़ी, 28 जनवरी 2026।
जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, सुलभ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन को उनके निकटस्थ स्वास्थ्य केंद्रों पर ही अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे अनावश्यक रेफरल और लंबी दूरी की परेशानी से बचा जा सके।

108 सहित सभी एंबुलेंस सेवाएं रहें हर समय उपलब्ध

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 108 एंबुलेंस सेवाओं के साथ-साथ विभागीय एंबुलेंस भी निःशुल्क भेजी जाएं। उन्होंने एंबुलेंस सेवाओं को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उनकी हर स्थिति में उपलब्धता सुनिश्चित करने, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने तथा लॉग बुक नियमित रूप से मेंटेन करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य क्षेत्र की छोटी-छोटी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए जिलाधिकारी ने ₹33.60 लाख की धनराशि स्वीकृत की।

टीबी जांच, पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड पर विशेष फोकस

बैठक में टीबी जांच हेतु उपलब्ध मोबाइल एक्स-रे वाहन की स्थिति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक जांचें नियमित रूप से की जाएं तथा उनकी सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए।
अल्ट्रासाउंड सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए तकनीशियनों की युक्तिसंगत तैनाती और खराब मशीनों की मरम्मत के निर्देश दिए गए।

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गर्भवती महिलाओं को घर के पास मिले अल्ट्रासाउंड सुविधा

जिलाधिकारी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े, इसके लिए साप्ताहिक रोस्टर बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि सतपुली और बीरोंखाल में अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू हो चुकी है, जबकि पाबौ में शीघ्र प्रारंभ की जाएगी।

संस्थागत प्रसव और ‘खुशियों की सवारी’ सेवा पर निगरानी

संस्थागत प्रसवों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव कम हैं, वहां जवाबदेही तय कर कार्रवाई करने को कहा गया।
उन्होंने ‘खुशियों की सवारी’ सेवा को असेवित स्वास्थ्य केंद्रों में आंतरिक रूप से सुचारु संचालन के निर्देश दिए, जिससे सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित हो सके।

रेफरल और टेलीमेडिसिन सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने कहा कि यदि रेफरल अत्यंत आवश्यक हो, तो गंतव्य अस्पताल को पूर्व सूचना दी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि मरीज सुरक्षित रूप से उच्च स्तरीय चिकित्सालय तक पहुंचे
साथ ही उन्होंने टेलीमेडिसिन सेवाओं के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं शीघ्र करने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिए।

बैठक में एसीएमओ डॉ. पारुल गोयल, डॉ. विनय त्यागी, ग्रामोत्थान परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।