मनोज नौडियाल
पौड़ी.... जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ0 विजय कुमार जोगदण्डे ने वनों में आग की घटनाओं में अत्याधिक वृद्धि को देखतें हुए जनपद के समस्त प्रधानों/सरपंचों से अपील की है कि वनों में आग की घटनाओं की रोकथाम हेतु प्रभावी कदम उठायें। जिससे अमुल्य वन सम्पदा, पशु-पक्षियों व जंगली जानवरों को बचाया जा सके।
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जिलाधिकारी डॉ0 जोगदण्डे ने कहा कि प्रायः यह भी देखा गया है कि पिकनिक आदि के लिए युवा वर्ग नदी के किनारों/उंची धारों वाले इलाकों में खाना बनाते है परन्तु जलती लकड़ियों को बुझाना भूल जाते हैं जिस कारण भी आग की घटनाऐं घटित होती है। जिससे मुल्यावान वन सम्पदा क्षति, वन्य जीव हानि होने के साथ धूएं से प्रदूषण एवं अत्यधिक गर्मी उत्पन्न होती है जिससे मानव व पशुओं के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। जिलाधिकारी ने ऐसा करने वाले व्यक्तियों की आपदा कन्ट्रोल रूम नं0-01368-221840, अथवा पुलिस सहायता न0 112 पर शिकायत करने की सलाह दी है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी को भावनात्मक रूप से समझना होगा कि आग लगने से लाखों अरबों की वन संपदा नष्ट होने के साथ पशु-पक्षियों/जानवरों के छोटे बच्चे, जलकर मर सकते है साथ ही वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो वनाग्नि से पारंपरिक जल स्रोत भी सूख रहे है तथा बरसात के मौसम में वर्षा कम हो रही है।जिलाधिकारी डॉ0 जोगदण्डे ने सभी से अपील करते हुए कहा कि अपने क्षेत्रान्तर्गत वनाग्नि की रोकथाम में अपना अमूल्य सहयोग प्रदान करें।।

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