
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पौड़ी में बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए
पौड़ी में बजट पूर्व संवाद: जनसहभागिता से बनेगा जनोन्मुखी बजट, बोले मुख्यमंत्री
पौड़ी, 20 फरवरी 2026। जनपद मुख्यालय स्थित रांसी के बहुउद्देश्यीय भवन में आयोजित बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ऐसा जनहितकारी बजट तैयार कर रही है, जो प्रदेश की जमीनी आवश्यकताओं, क्षेत्रीय विशेषताओं और जनअपेक्षाओं के अनुरूप हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित उत्तराखंड के निर्माण का रोडमैप है।
मुख्यमंत्री के आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए जनप्रतिनिधि, कृषक, उद्यमी, व्यापारी, महिला स्वयं सहायता समूह, पर्यटन व्यवसायी, मत्स्य पालक, कृषि वैज्ञानिक तथा विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों ने भाग लेकर आगामी बजट के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
पारदर्शी और सहभागी बजट प्रक्रिया पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बजट निर्माण की प्रक्रिया को पारदर्शी, सहभागी और जनोन्मुखी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सीमांत क्षेत्रों सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर संवाद कर सुझाव लिए जा रहे हैं, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन, कृषि, उद्योग, महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। होमस्टे और निवेश को बढ़ावा देने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। सरकार का लक्ष्य किसानों को उद्यमी बनाना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
ग्रामीण और शहरी विकास के लिए सुझाव
संवाद के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में अनुदान वृद्धि, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवर लाइन और शौचालय निर्माण, पंचायतों को सशक्त बनाने, बंजर भूमि के उत्पादक उपयोग और ग्राम स्तर पर सोलर प्लांट संचालन जैसे सुझाव प्राप्त हुए।
शहरी क्षेत्रों के लिए नगर निकायों के संसाधन बढ़ाने, सोलर सिटी अवधारणा को बढ़ावा देने, पार्किंग और सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
कृषि, उद्योग और एमएसएमई पर विशेष फोकस
कृषि एवं उद्यान क्षेत्र में पर्वतीय कृषि को प्रोत्साहन, उच्च मूल्य फसलों का उत्पादन, जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन, कोल्ड स्टोरेज और क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा देने के सुझाव दिए गए।
उद्योग एवं एमएसएमई क्षेत्र में पूंजीगत सब्सिडी, ब्याज अनुदान, मशीनरी पर छूट तथा स्थानीय उत्पाद आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की मांग उठी। आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों को उद्योगों से जोड़कर युवाओं को स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
महिला सशक्तिकरण और पर्यटन को बढ़ावा
महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना, ब्याज-मुक्त ऋण सुविधा और स्थानीय सेवाओं में महिलाओं को प्राथमिकता देने का सुझाव रखा गया।
पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे के लिए रियायती ऋण, हैली सेवा विस्तार, छोटे पर्यटन स्थलों का विकास, नेचर और एग्री-टूरिज्म को बढ़ावा तथा स्थानीय उत्पादों के विपणन हेतु नीति बनाने की आवश्यकता बताई गई।
वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर उत्तराखंड का संकल्प
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझावों का गंभीर परीक्षण कर उन्हें आगामी बजट और नीतिगत निर्णयों में शामिल किया जाएगा।
स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि जनसहभागिता आधारित बजट प्रदेश के समग्र विकास की नींव बनेगा। वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने संवाद को जनभावनाओं के अनुरूप बजट तैयार करने की महत्वपूर्ण पहल बताया।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे संवाद से जनता का विश्वास और सहभागिता सुदृढ़ होती है।
कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।



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