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नींबूवर्गीय फलों में जल प्ररोह हटाना क्यों जरूरी? जानें डाइबैक से बचाव के उपाय

Water Shoots Growth on Citrus Plant Stem

समय पर हटाएं जल प्ररोह, वरना घट सकती है नींबूवर्गीय फलों की पैदावार: डॉ. राजेंद्र कुकसाल

देहरादून/कृषि समाचार:
नींबूवर्गीय फल पौधों (सिट्रस) की बेहतर वृद्धि और अधिक उत्पादन के लिए समय-समय पर बाग की निगरानी बेहद जरूरी है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र कुकसाल ने किसानों को सलाह दी है कि पौधों में उगने वाले जल प्ररोह (Water Shoots) को समय रहते हटाना अत्यंत आवश्यक है, अन्यथा यह उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।


🌿 क्या होते हैं जल प्ररोह?

जल प्ररोह वे कोमल, हरे और तेजी से बढ़ने वाले तने होते हैं जो आमतौर पर गलत या अनियमित कटाई-छंटाई के कारण अचानक विकसित हो जाते हैं।
इनकी प्रमुख विशेषताएं:

  • तेजी से वृद्धि

  • बड़ी व खुरदरी पत्तियां

  • चपटा तना, कई बार कांटेदार

⚠️ क्यों हैं नुकसानदायक?

यदि इन्हें समय पर नहीं हटाया गया तो:

  • पौधे का संतुलित आकार बिगड़ जाता है

  • पोषक तत्वों की अधिक खपत होती है

  • मुख्य शाखाओं की वृद्धि रुक जाती है

  • फूल और फल कम व छोटे आते हैं


🌱 डाइबैक (Citrus Decline) का खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार डाइबैक रोग की शुरुआत भी इन्हीं जल प्ररोहों से होती है।

डाइबैक के लक्षण:

  • शाखाओं का ऊपर से नीचे की ओर सूखना

  • पत्तियों का पीला होकर गिरना

  • अधिक फूल लेकिन कम फल

  • छोटे और कमजोर गुणवत्ता वाले फल

  • फलों का मोटा छिलका

  • तनों से गोंद निकलना

📉 डाइबैक के प्रमुख कारण

  • गलत कटाई-छंटाई

  • जल निकासी की कमी

  • पोषक तत्वों की कमी

  • अम्लीय मिट्टी

  • कीट एवं रोग

  • जल प्ररोहों का अधिक बढ़ना

✅ किसानों के लिए सलाह

डॉ. कुकसाल ने कहा कि:

  • बाग की नियमित निगरानी करें

  • जल प्ररोह दिखते ही तुरंत हटा दें

  • संतुलित पोषण और जल निकासी सुनिश्चित करें



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