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| बोर होल पद्धति से लीसा विदोहन का प्रशिक्षण लेती महिलाएं, कंडोलिया वन पंचायत पौड़ी गढ़वाल |
रिपोर्ट: मनोज नौडियाल
पौड़ी गढ़वाल | 03 अप्रैल 2026
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और वन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गढ़वाल वन प्रभाग, पौड़ी द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। “बोर होल पद्धति” से लीसा (राल) विदोहन के लिए महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में कंडोलिया वन पंचायत क्षेत्र में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में पौड़ी, खिर्सू और कोट विकासखंड की लगभग 60 से 70 महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों को लीसा निकालने की आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों के साथ-साथ बोर होल पद्धति के सुरक्षित उपयोग और उपकरण संचालन की जानकारी दी गई।
🔶 क्या है बोर होल पद्धति?
यह एक आधुनिक तकनीक है, जिसमें पेड़ों को नुकसान पहुंचाए बिना सुरक्षित तरीके से लीसा निकाला जाता है। यह पारंपरिक विधियों की तुलना में अधिक प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल मानी जाती है।
🌿 महिलाओं को मिलेगा सीधा लाभ
डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव के अनुसार, प्रशिक्षण के बाद वन विभाग और ग्राम पंचायत द्वारा चिन्हित स्थानों पर जल्द ही लीसा विदोहन कार्य शुरू किया जाएगा। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और उनकी आय में स्थायी वृद्धि होगी।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत महिला समूहों को क्लस्टर लेवल फेडरेशन के माध्यम से जोड़कर अधिक से अधिक महिलाओं तक इसका लाभ पहुंचाया जाएगा।
📍 प्रेरणादायक उदाहरण
जिला पंचायत सदस्य अनुज कुमार ने बताया कि बमठी गांव में इस पद्धति से पहले ही सकारात्मक परिणाम मिल चुके हैं, जो अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो रहे हैं।
👥 कार्यक्रम में रहे उपस्थित
इस अवसर पर उप प्रभागीय वनाधिकारी आयशा बिष्ट, वन क्षेत्राधिकारी नक्षत्र शाह, खंड विकास अधिकारी दृष्टि आनंद, क्षेत्र पंचायत सदस्य यशोदा नेगी सहित कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि और महिला समूह मौजूद रहे।



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