मनोज नौडियाल
माउंट आबू। ब्रह्माकुमारीज के " मीडिया प्रभाग " द्वारा माउंट आबू के ज्ञान सरोवर में आयोजित अखिल भारतीय मीडिया सम्मेलन में राष्ट्रीय विकास में मीडिया को अपना दायित्व निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
साथ ही उत्तराखंड के वरिष्ठ पत्रकार श्रीगोपाल नारसन की पुस्तक 'ईश्वरीय गुलदस्ता' का विमोचन ब्रह्माकुमारीज संयुक्त प्रशासिका राजयोगिनी डॉ निर्मला दीदी, ब्रह्माकुमारीज मीडियाविंग के चेयरपर्सन बीके करुणा, फ़िल्म अभिनेता संग्राम सिंह व भारतीय जनसंचार संस्थान के महानिदेशक प्रोफेसर संजय द्विवेदी ने संयुक्त रूप से किया।
सम्मेलन में शांति और सद्भावना की स्थापना में आध्यात्म जरूरी व इसके लिए मीडिया की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। इस सम्मेलन में देश के विभिन्न भागों से सैकड़ों की संख्या में मीडिया प्रतिनिधिओं, मीडिया प्राध्यापकों ने भाग लिया। स्वागत सत्र में ब्रह्माकुमारीज के अतिरिक्त महासचिव बीके ब्रजमोहन भाई, बीके नलिनी दीदी, ज्ञानामृत पत्रिका के सम्पादक बीके आत्म प्रकाश भाई व भारतीय जनसंचार संस्थान के महानिदेशक प्रोफेसर संजय द्विवेदी ने मीडिया का उनके राष्ट्रीय विकास में योगदान को लेकर आव्हान किया, वही उदघाटन सत्र में संस्था के महासचिव बीके निर्वेर भाई ने कहा कि देश ही नही समाज के उत्तरोत्तर विकास व सकारात्मक सोच का वातावरण बनाने के लिए आज सबसे बड़ी जिम्मेदारी मीडिया से जुड़े लोगों की है, जिन्होंने हमेशा ही अपनी लेखनी के माध्यम से जन जागृति व दिशा व दशा बदलने का काम किया है।
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मीडिया कर्मियों का यह सम्मेलन विशेष है, आप अनुभवी हैं। हम सभी को खुद से यह पूछना चाहिए की हम कौन हैं ? हम मीडिया कर्मी बाद में हैं मगर हम आत्माएं पहले हैं । इस समझ से हमारे जीवन में आध्यात्मिकता का संचार हो जायेगा और हम अपना लक्ष्य प्राप्त कर पायेंगे । मुंबई से आए बॉलीवुड एक्टर संग्राम सिंह, मीडियाविंग के मुख्यालय समन्वयक बीके शांतनु ने बड़ी संख्या में मीडिया कर्मियों की उपस्थिति को एक सुखद एहसास बताया, जिनके माध्यम से यह सम्मेलन मीडिया से जुड़े विषयो को आगे बढाने में कामयाब हुआ है। एबीपी न्यूज मुंबई के एंकर संदीप पंड्या ने इस अवसर पर कहा कि उन्हें ब्रह्माकुमारीज संस्थान में आकर एक सुखद अनुभूति हो रही है। उन्होंने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के देश ही नही विश्व स्तर पर चलाये जा रहे शांति, सदभाव, पवित्रता और चरित्र निर्माण के अभियान की जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा कि देश के विकास के प्रति अपना दायित्व निभाने के साथ ही शांति और सद्भाव के लिए भी पत्रकारों को अपनी आंतरिक शक्ति में वृद्धि करनी होगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में मुंबई से आए जी -24 के सम्पादक डॉ नीलेश खरे ने कहा हमें कोशिश करनी होगी की हम पहले लोगों की रूचि बदलने के लिए कार्य करें। इसमें मेहनत लगेगी। मगर तभी सुधार आने की संभावना है। पत्रकार बिना शक समाज में शांति और सद्भाव की स्थापना कर सकते हैं।
चंडीगढ़ से आए दैनिक ट्रिब्यून के सहायक सम्पादक अरुण नैथानी ने मीडिया एथिक्स पर चर्चा करते हुए कहा कि मीडिया को आध्यात्म से जोड़ने का प्रयास उचित है। रूहानी बातें सही हैं। इससे हमारे अंदर और सुधार आएगा। इस प्रयत्न की प्रसंशा की जानी चाहिए। क्योंकि आध्यात्म ही हमको सकारात्मक सोच व सद चेतना प्रदान करेगा। नई दिल्ली से आए मीडियाविंग के राष्ट्रीय समन्वयक बीके सुशांत ने कहा की मनुष्य के जीवन का अंतिम लक्ष्य है शांति की प्राप्ति, हमें दुनिया के सभी लोगों तक जाकर उनके जीवन में आध्यात्मिकता का संचार करना है, क्योंकि शांति और सद्भावना के लिए आध्यात्मिक विकास भी अनिवार्य है, इसलिए हमें नियमित राजयोग का अभ्यास करना चाहिए।
मीडिया विंग और मल्टी मीडिया के अध्यक्ष राजयोगी करुणा भाई ने अपनी शुभ कामनाएं दीं, उन्होंने कहा कि यह आप सभी का अपना घर है, यहाँ आप शांति की अनुभूति के लिए पधारते रहे । यहाँ हम दुनिया को आदि सनातन देवी देवता धर्म की संस्कृति सिखाते हैं । परमात्मा शिव हम सभी को ऐसी शिक्षा प्रदान कर रहे हैं । भारतीय संस्कृति आज भी यहाँ कार्यशील है ।ब्रह्माकुमारीज शिक्षा प्रभाग की उपाध्यक्षा राजयोगिनी शीलू बहन ने योगाभ्यास करवाया। राजयोगिनी चन्द्रकला बहन ने मंच का संचालन किया। सम्मेलन में जयपुर से बीके सुषमा, डॉ फिरोज खान, दिल्ली से रास बिहारी, बीके उर्मिला, डॉ सोमनाथ वादनेरे, बीके निकुंज, राजेंद्र उपाध्याय, नोयडा से आर पी रघुवंशी, ओम शांति मीडिया के सम्पादक डॉ गंगाधर भाई, डॉ माधवी शुक्ला, प्रदीप भट्टाचार्य ,पंजाब केसरी से अनिल पुंडीर, लेखक संजय कुमार आदि मौजूद रहे!!!

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