एबीएन आवाज़ न्यूज़
कोटद्वार, 13 जुलाई 2025। पौराणिक सिद्धपीठ सिद्धबाबा मंदिर, जो कोटद्वार के सनेह क्षेत्र में स्थित है, में आज मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा विधिवत रूप से संपन्न की गई। इस पावन अवसर पर स्थानीय श्रद्धालुओं और समिति के सहयोग से एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं सिद्धबाबा के चरणों में अर्पित कीं।
यह मंदिर अपनी धार्मिक मान्यता और आस्था के लिए उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के बीच विशेष महत्व रखता है। खड़ी चढ़ाई पर स्थित यह मंदिर स्नेह क्षेत्र से लगभग डेढ़ किलोमीटर ऊपर है, जहां तक पहुंचना विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अत्यंत कठिन होता है।
भक्तों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद, नगीना, रायपुर और बिजनौर जैसे क्षेत्रों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की और प्रसाद ग्रहण किया।
Vedio:
समिति ने की पानी और रोपवे की व्यवस्था की मांग
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि मंदिर तक पहुंचने के रास्ते में पानी की सुविधा न होने से श्रद्धालुओं को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। भक्तों को स्वयं पानी लेकर ऊपर चढ़ना पड़ता है। ऐसे में समिति ने स्थानीय विधायक और मुख्यमंत्री से अपील की है कि मंदिर परिसर के पास पेयजल की व्यवस्था कराई जाए तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोपवे का निर्माण किया जाए, ताकि बुजुर्ग और दिव्यांग जन भी आसानी से मंदिर पहुंच सकें।
स्थानीय जनता और समिति को उम्मीद है कि सरकार जल्द इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएगी, जिससे यह पौराणिक सिद्धपीठ और अधिक श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन सके।

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