मनोज नौडियाल
कोटद्वार। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में पर्यावरण प्रकोष्ठ के अंतर्गत एनसीसी कैडेटों द्वारा एक नुक्कड़ नाटक "पर्यावरण संरक्षण और हमारी जिम्मेदारी" का मंचन किया गया। इस नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कैडेटों द्वारा बताया गया कि व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए किस तरह से पेड़ पौधों को नुकसान पहुंचा रहा है और किस तरह मनुष्य जाति को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
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इसके साथ ही कैडेटों ने वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण व ध्वनि प्रदूषण के प्रति भी लोगों को आगाह किया। नुक्कड़ नाटक के अंत में एनसीसी प्रभारी डॉ देवेंद्र सिंह चौहान ने पर्यावरण सरंक्षण में आम जनमानस की भूमिका पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर पर्यावरण प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी डॉक्टर एमडी कुशवाहा ने पर्यावरण के महत्व पर जानकारी दी।
महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर जानकी पवार ने कहा पेड़ हमारे जीवन का आधार है पेड़ों से ही हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्राप्त होती है लेकिन इसके बावजूद पेड़ों की संख्या दिन प्रतिदिन घटती ही जा रही है। हमको यह समझना होगा कि बिना पेड़ों के हमारा अस्तित्व नहीं है और इसके बिना हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए खतरा पैदा हो जाएगा, इसलिए अधिक से अधिक पेड़ लगाएं उन्होंने छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरूक एवं प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो.सीमा चौधरी, प्रो. श्री राम कटिहार, डॉ अजीत सिंह, डॉ सुरभि मिश्रा, डॉ. लता कैड़ा, डॉ. संजीव कुमार, डॉ सूर्य मोहन, डॉ मुकेश रावत, डॉ घनेन्द्र, डॉ मोहन कुकरेती, डॉ. संत कुमार व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
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