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| ICMR पॅलिएटिव केयर बैठक में डॉ अपाला बडूनी |
ICMR की राष्ट्रीय ब्रेनस्टॉर्मिंग बैठक में एकोहम की डॉ. अपाला बडूनी ने रखा पैलिएटिव केयर का “हब एंड स्पोक मॉडल” प्रस्ताव
पैलिएटिव केयर को मजबूत बनाने पर हुई गहन चर्चा
इस सत्र का प्रमुख उद्देश्य भारत में पैलिएटिव केयर सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु
प्रमुख शोध क्षेत्रों की पहचान,
राष्ट्रीय स्तर पर शोध प्राथमिकताएँ तय करना,
तथा नीति एवं व्यवहारिक रणनीतियों का विकास करना रहा।
बैठक में चिकित्सा संस्थानों, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए।
सरकार अपनाए ‘हब एंड स्पोक मॉडल’ : डॉ. अपाला बडूनी
इस अवसर पर डॉ. अपाला बडूनी ने सुझाव दिया कि सरकार को पैलिएटिव केयर के लिए “हब एंड स्पोक मॉडल” पर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मॉडल के अंतर्गत सरकार गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) को सशक्त बनाकर एक प्रभावी व्यवस्था विकसित कर सकती है, जिससे
दर्द निवारक दवाइयाँ,
- और बिस्तर पर निर्भर (Bed-Bound) मरीजों कोहोम-बेस्ड पैलिएटिव केयर उपलब्ध कराई जा सके।
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घर पर मिले गुणवत्तापूर्ण और मानवीय देखभाल
देखभाल करने वालों को बार-बार अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा,
स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव कम होगा,
और मरीज को अपने घर के वातावरण में सम्मानजनक व संवेदनशील देखभाल मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि यह मॉडल मरीजों और उनके परिवारों के लिए मानवीय, सुलभ और गरिमापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करेगा।
पैलिएटिव केयर क्या है?
दर्द और पीड़ा को कम करना,
शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक आवश्यकताओं का समाधान,
- तथा रोगी को गरिमा, सम्मान और सहानुभूति के साथ जीवन जीने में सहायता करना है।यह उपचार के साथ-साथ प्रदान की जाती है, न कि उसके स्थान पर।


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