![]() |
| GEPS Kotdwar 47th Foundation Day Celebration |
गेप्स कोटद्वार ने धूमधाम से मनाया 47वाँ स्थापना दिवस, समाजसेवियों व प्रतिभाशाली छात्रों का हुआ सम्मान
इस अवसर पर सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए लेफ्टिनेंट कर्नल बुद्धि बल्लभ ध्यानी एवं गेप्स की सांस्कृतिक प्रभारी श्रीमती रेखा ध्यानी को संस्था के सर्वोच्च अलंकरण “डॉ. जयप्रकाश कंडवाल स्मृति सम्मान” से मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. रमाकांत कुकरेती, पूर्व प्रधानाचार्य जगदीश भारद्वाज एवं प्रधानाचार्य कुलदीप सिंह नेगी मौजूद रहे। संस्था की अध्यक्ष श्रीमती नीरजा गौड़ ने अपने संबोधन में गेप्स के गौरवशाली इतिहास, सामाजिक गतिविधियों एवं जनसेवा कार्यों पर प्रकाश डाला। वहीं महामंत्री इंजीनियर जगत सिंह नेगी ने वर्ष 2025–26 की प्रमुख गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
ये भी देखें: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने की योजनाओं की समीक्षा, धीमी प्रगति पर विभागाध्यक्ष होंगे जिम्मेदार
समारोह के दौरान कुमारी सृष्टि को भारत–नेपाल चैम्पियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रतिभा सम्मान प्रदान किया गया। साथ ही “नन्ही दुनिया भावी राष्ट्र” समूह गान की प्रभावशाली प्रस्तुति देने पर कुमारी प्रीति को भी सम्मानित किया गया।
प्रथम स्थान – रोहित अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, उमराव की कक्षा 12 की छात्रा
द्वितीय स्थान – सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल, कोटद्वार के कक्षा 10 के छात्र तरुष विष्ट
तृतीय स्थान – श्री पृथ्वी विद्यामंदिर, झंडीचौड़ की छात्रा कुमारी संध्या
को प्राप्त हुआ। सभी विजेताओं को मुख्य अतिथि के कर-कमलों द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित छात्र–छात्राओं ने नशा-मुक्त समाज के निर्माण हेतु नशा न करने का सामूहिक संकल्प भी लिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन संस्था के संस्थापक राम भरोसा कंडवाल एवं श्री मनमोहन काला द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
समारोह में डॉ. चंद्रमोहन बड़थ्वाल, लेफ्टिनेंट कर्नल बुद्धि बल्लभ ध्यानी, डीएसपी मोहनलाल ममगाईं, दिनेश ध्यानी, जनार्दन प्रसाद ध्यानी, नंदन सिंह नेगी, इंजीनियर जगत सिंह नेगी, डॉ. रमाकांत कुकरेती, जगदीश भारद्वाज, कुलदीप सिंह नेगी, अनुराग कंडवाल, श्रीमती नीरजा गौड़, श्रीमती रेखा ध्यानी, श्रीमती सोना नेगी सहित विद्यालय के शिक्षक–शिक्षिकाएँ, छात्र–छात्राएँ एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिससे पूरे आयोजन में आध्यात्मिक गरिमा और सांस्कृतिक सौंदर्य का संचार हुआ।



0 टिप्पणियाँ