उत्तरकाशी। मतदाता दिवस की पावन वेला तथा गण तंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर प्रभव साहित्य/संगीत मंच एवं हिंदी साहित्य भारती उत्तरकाशी के द्वारा सामुहिक रूप से ई0 काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें सभी गण मान्य कवि एवं कवयित्री विराजमान रहे। काव्य गोष्ठी का सफल संचालन डॉ मीना नेगी के द्वारा किया गया, श्रीमती ज्योति रतूड़ी के द्वारा सरस्वती वंदना से काव्य गोष्ठी का आरंभ किया गया।
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मंच पर श्रीमती आभा बहूगुणा प्रधाना चार्या रा0 उ0 मा0 विद्यालय बड़ेथी डुण्डा तथा चंचल गुम्बर सेवानिवृत्त अध्यापिका केंद्रीय विद्यालय उत्तरकाशी मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि के रुप में विरामान रही। सभी कवि एवं कवयित्रियों ने अपने काव्यपाठ को संविधान, मतदाता जागरूकता और बालिका दिवस से जोड़कर अपना काव्यपाठ किया। श्रीमती गीता गैरोला, चुरा मां दूध गांधी सिराली और मनखि तेरी खोपडी मां टेंशन को वास छ, आचार्य मुरली मनोहर भट्ट, मीडिया प्रभारी हिंदी साहित्य भारती उत्तरकाशी, नारी तुम महान हो नेहा सिल्वाल, मैं बचपन में खूब बोला करती थी, श्रीमती कल्पना असवाल विधान मूल्यवान है। सशक्त लोकतंत्र का विशिष्ट स्वाभिमान हैं। श्री राजेश जोशी जिला अध्यक्ष हिंदी साहित्य भारती उत्तरकाशी, मतदाता जागरूकता गीत, श्रीमती ज्योत्स्ना रतूड़ी, दुनिया से न्यारा भारत देश हमारा। श्रीमती आभा बहूगुणा घर का मान होती है वेटियां। डॉ अंजू सेमवाल करता है जो मत का दान, होता है वह बड़ा महान। श्रीमती साधना जोशी संस्थापक प्रभव साहित्य मंच और शाखा सचिव हिंदी साहित्य भारती उत्तरकाशी लोकतंत्र बचावा, अलवेली मतवाली रानी, हजारों बुद्धि का दान है हमारा संविधान, डॉ मीना नेगी अ0प्रोफेसर पीजी कालेज ब्रहमखाल ने भारत भूमि की गौरव गाथा और मां श्रीमती मुक्ता गौड़ ने गीत के माध्यम से अपनी प्रस्तुति दी। काव्यांजलि के इस समारोह को सभी महान रचना काल साहित्यकारों ने अपनी उपस्थिति से सफल बनाया।
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