* इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने वर्चुअल इवेंट में युविका-2022 का उद्घाटन किया एवं सभी प्रशिक्षणार्थियों को किया संबोधित
* उत्तराखंड की अनुकृति नेगी (कोटद्वार) एवं ध्रुव मित्तल (कोटद्वार), पूर्वांशी ध्यानी (धुमाकोट) और रुड़की से अविकम देओल ने किया प्रदेश का प्रतिनिधित्व
मनोज नौडियाल
एबीएन आवाज़ न्यूज़...... भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, युवा विज्ञानी कार्यक्रम (युविका) के लिए देश भर से करीब एक लाख छात्रों ने आवेदन किया। देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 150 छात्रों का चयन किया गया। प्रशिक्षण इसरो के पांच केंद्रों - विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, तिरुवनंतपुरम, यू आर राव उपग्रह केंद्र, बेंगलुरु, अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र, अहमदाबाद, राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र, हैदराबाद और उत्तर पूर्वी अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र, शिलांग में आयोजित किया गया।
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इसरो के प्रावक्ता के अनुसार इस कार्यक्रम में कक्षा व्याख्यान, व्यावहारिक गतिविधियां, प्रख्यात वैज्ञानिकों के साथ बातचीत, प्रयोगशाला/सुविधा का दौरा, आकाश को देखना, रोबोटिक असेंबली और 'कैनसैट' प्रयोग रहे।सभी छात्रों को इसरो के प्राख्यात वैज्ञानिक से आमने-सामने अंतः क्रिया की एवं भारत के अंतरिक्ष केन्द्र एसडीएससी शार-श्रीहरिकोटा ले जाया गया।
इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने सोमवार को एक वर्चुअल इवेंट में युविका-2022 का उद्घाटन किया एवं सभी प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए, छात्रों से आग्रह किया कि वे वरिष्ठ वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविदों के साथ बातचीत करने के अवसर का पूरा उपयोग करें। उन्होंने छात्रों को इंजीनियरिंग, एस्ट्रोफिजिक्स, एस्ट्रोबायोलॉजी, गणित, सामग्री विज्ञान, रसायन विज्ञान और कंप्यूटर विज्ञान जैसे विशाल अवसरों और डोमेन के बारे में भी समझाया जो वास्तव में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का अभिन्न अंग हैं "लेकिन आम लोगों को नहीं पता।" उन्होनें अग्रहा किया की ये छात्र इसरो के "राजदूत" बने और अपने सहपाठियों, शिक्षकों और आम जनता के लिए अनुभव का प्रचार करने और उन्हें यह समझाने की भी अपील की कि इसरो प्रत्येक के जीवन को सकारात्मक तरीके से कैसे छू रहा है।
इसरो द्वारा संचलित युविका, स्कूली बच्चों के लिए एक विशेष कार्यक्रम है, जिसका युवा छात्रों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष विज्ञान और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों पर बुनियादी ज्ञान प्रदान करना है एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उभरते रुझानों के बारे में जागरूकता पैदा करना है, जो हमारे देश के भविष्य के निर्माण खंड हैं। कार्यक्रम के "कैच देम यंग" द्वारा यह भी उम्मीद है कि इसी क्षेत्र में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) आधारित अनुसंधान / कैरियर को आगे बढ़ाने के लिए और अधिक छात्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
भारत के विभिन्न प्रांतों से 32 विद्यार्थियों का युविका, इसरो द्वारा 15 मई से 30 मई 2022 तक आयोजित यू आर राव सैटलाइट सेंटर (यूआरएससी) बेंगलुरु हेतु चयन हुआ। जिसमें की उत्तराखंड प्रदेश से 4 विद्यार्थियों का चयन हुआ। इसमें कोटद्वार की नवोदित युवा वैज्ञानिक के रूप में अनुकृति नेगी ने प्रतिभाग किया और प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। यूआरएससी बेंगलुरु अंतरिक्ष विभाग द्वारा चयनित 5 केंद्रों में से है। यहाँ पर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़ , पश्चिम बंगाल, बिहार, कर्नाटक एवं अंडमान निकोबार के विद्यार्थियों को आवंटित किया गया जहां पर उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी अंतरिक्ष तकनीकी पर केंद्रित विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बारे में व्याख्यान एवं प्रयोग प्रदर्शन प्राप्त किए। यू आर ए सी के वरिष्ठ वैज्ञानिकों, इसरो के वैज्ञानिकों ने प्रशिक्षणार्थियों को इस अवश्य कार्यक्रम में पूर्णता आवासीय कार्यक्रम में विद्यार्थियों से वैज्ञानिकों ने चर्चाएं की। इसरो कोर्स कोऑर्डिनेटर जी0 नागेश, बसवाराज, वैज्ञानिक एनएस मुरली आदि ने अंतरिक्ष में भविष्य पर प्रशिक्षणार्थियों का ध्यान आकर्षित किया। नासा द्वारा भी वर्चुअल मोड में एक साथ विद्यार्थियों के लिए प्रयोग किया गया जिसमें नासा के वैज्ञानिक से आमने-सामने चर्चा की गई।
छात्रों ने भारत के लिक्विड सैटेलाइट और रॉकेट सिस्टम्स तथा इसरो के कार्यक्रमों के बारे में सूचनाएं साझा की। प्रतिभागियों में कुल 15 लड़कियां और 17 लड़कों को यह अवसर मिला कि वह इन इन केंद्रों का भ्रमण करें। इन विद्यार्थियों ने चंद्रयान -3 का लैंडर रोवर तथा लिक्विड प्रोपल्शन मॉड्यूल प्रत्यक्ष रूप से इसरो के आए साइट केंद्र बेंगलुरु में देखा। एस डी एस सी (शार ) श्रीहरिकोटा में दो रॉकेट लॉन्च पैड एवं पीएसएलवी, जीएसएलवी l 40 और s110 के चरण भी देखें। उत्तराखंड की अनुकृति नेगी एवं ध्रुव मित्तल कोटद्वार से, पूर्वांशी ध्यानी धुमाकोट से और रुड़की से अविकम देओल ने अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया।
अनुकृति ने इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के बारे में यह बताया कि उसके लिए अपने जीवन का सर्वोत्तम अनुभव था, न केवल उसने इसरो के अंतरिक्ष कार्यक्रम के बारे में वैज्ञानिकों से परिचर्चा की बल्कि व्यक्तिगत रूप से श्रीहरिकोटा केंद्र में जाकर विभिन्न अंतरिक्ष मॉड्यूल भी प्रत्यक्ष रूप से देखें। जो अपने आप में किसी भी विद्यार्थी के लिए अद्भुत एवं रोमांचकारी अनुभव था। उसने अपने विद्यालय सेंट जोसफ कान्वेंट स्कूल की प्रधानाचार्य एवं अपनी शिक्षिकाओं का धन्यवाद भी दिया। जिनके मार्गदर्शन से उसने इस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया और अपने विद्यालय एवं उत्तराखंड प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। इसरो का भी धन्यवाद ज्ञापित किया जिन्होंने युवा बाल वैज्ञानिकों के लिए ऐसे कार्यक्रम का संचालन किया!!!




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