मनोज नौडियाल
कोटद्वार। मजदूर वर्ग के ऐसे माता-पिता जो दोनों ही मजदूरी का काम करते हैं और अपने बच्चों को स्कूल से आने के बाद उनका होम वर्क नहीं करा पाते है। बच्चों की रोक टोक करने वाला अगर कोई नहीं होता है, तो ऐसी स्थिति में बालक धीरे-धीरे स्कूल के रुख से विमुख होकर आवारा होने लगते हैं और भविष्य में बाल मजदूरी/बाल भिक्षावृत्ति में लिप्त हो जाते है।
बच्चों को पढ़ाई की ओर प्रेरित करने के लिये जनपद की ऑपरेशन मुक्ति टीम द्वारा ऐसे माता पिता जो दोनों ही मजदूरी का काम करते हैं और अपने बच्चों को होमवर्क नही करा पाते हैं। उनके बच्चों के लिये नजदीकी अध्यापकों से समन्वय स्थापित कर सायं 04 बजे से सायं 06 बजे तक ट्यूशन की व्यवस्था की जा रही है साथ ही खेलकूद में रूचि रखने वालों बच्चों की खेलकूद प्रतियोगिता करायी जा रही है, ताकि बच्चें आवारागर्दी ना कर अपना स्कूल का काम समय से पूरा कर सकें।
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ऑपरेशन मुक्ति के तहत जनपद स्तर पर अब "हमारा गांव हमारा अध्यापक हमारे विद्यार्थी" की मुहीम के तहत बच्चों को काम नहीं किताब और कलम चाहिए तथा बालकों को भिक्षा नहीं शिक्षा दो अभियान की इस सोच को साकार करने के लिए स्थानीय जनता के द्वारा अपने प्रांगण में बालकों को पढ़ाने के लिए स्थान दिया और भविष्य में भी हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया गया। प्रारंभिक स्तर पर बालकों की पढ़ाई सम्बन्धी आवश्यक सुविधाएं उप निरीक्षक (वि0श्रेणी) कृपाल सिंह द्वारा उपलब्ध कराई गई। ऑपरेशन मुक्ति टीम के इस कार्य की आमजन द्वारा काफी सराहना की जा रही है!!!


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