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राजकीय विश्वविद्यालयों के छात्रों के प्रमाण पत्र डीजी लॉकर पर होंगे उपलब्ध: डॉ. धन सिंह रावत

 

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठक लेते हुए


राजकीय विश्वविद्यालयों के छात्रों के प्रमाण पत्र डीजी लॉकर पर होंगे उपलब्ध: डॉ. धन सिंह रावत

10 फरवरी तक सभी रिक्त पदों पर भर्ती विज्ञापन जारी करने के निर्देश
प्रत्येक सेमेस्टर में 90 दिन कक्षाएं, समय पर परीक्षा परिणाम अनिवार्य

देहरादून, 22 फरवरी 2026।
उत्तराखंड के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को अब अपने अंक प्रमाण पत्र और उपाधियां डीजी लॉकर के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। इसके लिए विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि 31 मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत शैक्षणिक डाटा डीजी लॉकर पर अपलोड किया जाए। यह निर्देश उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सचिवालय में आयोजित उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए।

लैगेसी डाटा भी डीजी लॉकर पर होगा अपलोड

उच्च शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूर्व शैक्षणिक सत्रों का लैगेसी डाटा समर्थ पोर्टल के माध्यम से डीजी लॉकर पर अपलोड किया जाए। साथ ही इस कार्य की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट शासन एवं मंत्रालय को भेजना अनिवार्य होगा।

रिक्त पदों पर भर्ती में देरी पर जताई नाराजगी

राजकीय विश्वविद्यालयों में लंबे समय से रिक्त पड़े शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर पदों पर भर्ती में हो रही देरी पर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए 10 फरवरी 2026 तक सभी पदों के सापेक्ष भर्ती विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिए।

उद्योगों से एमओयू, छात्रों को मिलेगा औद्योगिक प्रशिक्षण

बैठक में सभी विश्वविद्यालयों को विभिन्न उद्योगों से एमओयू कर छात्रों को अनिवार्य औद्योगिक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए। इसकी मासिक प्रगति रिपोर्ट भी शासन को उपलब्ध कराई जाएगी।

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खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी अनिवार्य

छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के आयोजन को अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस वर्ष अंतरविश्वविद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी जिम्मेदारी पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय को सौंपी गई है।

एनईपी के अनुसार कक्षाओं का संचालन और समय पर परिणाम

डॉ. रावत ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप प्रत्येक सेमेस्टर में कम से कम 90 दिन कक्षाएं संचालित की जाएं और परीक्षा परिणाम समयबद्ध रूप से घोषित हों। आवश्यकता पड़ने पर परीक्षा पैटर्न में बदलाव करने के भी निर्देश दिए गए।

बायोमेट्रिक उपस्थिति और ई-पुस्तकालय योजना

विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्वामी विवेकानंद ई-पुस्तकालय योजना से सभी शिक्षण संस्थानों को जोड़ने को लेकर पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण दिया गया।

बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में सचिव उच्च शिक्षा डॉ. रंजीत सिन्हा, निदेशक उच्च शिक्षा वी.एन. खाली, संयुक्त निदेशक डॉ. ए.एस. उनियाल, उप सचिव अजीत सिंह, हरीश सागर, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलसचिव, वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



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