
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून से बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया “बाल विवाह मुक्ति रथ” का शुभारंभ, देहरादून से राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत
यह अभियान समर्पण सोसाइटी फॉर हेल्थ रिसर्च एंड डेवलपमेंट, देहरादून द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो भारत सरकार के 100 दिवसीय सघन अभियान (100 Days Intensive Campaign) के अंतर्गत निरंतर सामुदायिक स्तर पर बाल विवाह रोकथाम को लेकर प्रभावी गतिविधियाँ आयोजित कर रही है।
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दूरस्थ और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों तक पहुँचेगा जागरूकता संदेश
08 मार्च तक चलेगा राज्यव्यापी अभियान
यह अभियान 24 जनवरी 2026 से 08 मार्च 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान राज्य के विभिन्न गाँवों, शहरी बस्तियों, विद्यालयों, पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं सामुदायिक स्थलों पर—
नुक्कड़ नाटक
संवाद सत्र
शपथ कार्यक्रम
परामर्श शिविर
IEC सामग्री का वितरण
जनसंवाद कार्यक्रम
जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी।
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बाल विवाह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी : डॉ. गीता खन्ना
कार्यक्रम में उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा—
“बाल विवाह केवल कानून का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके उन्मूलन के लिए सभी विभागों, पंचायतों, स्कूलों, स्वयंसेवी संगठनों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।”
उन्होंने बाल विवाह मुक्ति रथ को एक प्रभावशाली पहल बताते हुए सभी विभागों से सहयोग की अपील की।
विभिन्न विभागों और संगठनों की रही सहभागिता
बाल संरक्षण और सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
बाल विवाह मुक्ति रथ न केवल जागरूकता का माध्यम बनेगा, बल्कि समाज में सकारात्मक संवाद, व्यवहार परिवर्तन और बाल अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता को भी मजबूत करेगा।

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