Ticker

10/recent/ticker-posts

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया बाल विवाह मुक्ति रथ का शुभारंभ | राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून से बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया “बाल विवाह मुक्ति रथ” का शुभारंभ, देहरादून से राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत

देहरादून, 24 जनवरी 2026।
बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध उत्तराखंड में एक व्यापक और सघन जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर 24 जनवरी 2026 को देहरादून से “बाल विवाह मुक्ति रथ” को हरी झंडी दिखाकर राज्यव्यापी अभियान का विधिवत शुभारंभ किया।

यह अभियान समर्पण सोसाइटी फॉर हेल्थ रिसर्च एंड डेवलपमेंट, देहरादून द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो भारत सरकार के 100 दिवसीय सघन अभियान (100 Days Intensive Campaign) के अंतर्गत निरंतर सामुदायिक स्तर पर बाल विवाह रोकथाम को लेकर प्रभावी गतिविधियाँ आयोजित कर रही है।

Video: 


दूरस्थ और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों तक पहुँचेगा जागरूकता संदेश

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बाल विवाह मुक्ति रथ एक चलित जन-जागरूकता अभियान के रूप में कार्य करेगा, जो ग्रामीण, दूरस्थ एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों तक पहुँच बनाकर बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति समाज को जागरूक करेगा।
उन्होंने कहा कि “बाल विवाह के उन्मूलन के लिए समयबद्ध, सघन और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।”

08 मार्च तक चलेगा राज्यव्यापी अभियान

यह अभियान 24 जनवरी 2026 से 08 मार्च 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान राज्य के विभिन्न गाँवों, शहरी बस्तियों, विद्यालयों, पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं सामुदायिक स्थलों पर—

  • नुक्कड़ नाटक

  • संवाद सत्र

  • शपथ कार्यक्रम

  • परामर्श शिविर

  • IEC सामग्री का वितरण

  • जनसंवाद कार्यक्रम

जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी।

ये भी देखें: कोटद्वार कांग्रेस संगठन बैठक | मनरेगा बचाओ संग्राम पर चर्चा | विकास नेगी

बाल विवाह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी : डॉ. गीता खन्ना

कार्यक्रम में उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा—

“बाल विवाह केवल कानून का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके उन्मूलन के लिए सभी विभागों, पंचायतों, स्कूलों, स्वयंसेवी संगठनों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।”

उन्होंने बाल विवाह मुक्ति रथ को एक प्रभावशाली पहल बताते हुए सभी विभागों से सहयोग की अपील की।


विभिन्न विभागों और संगठनों की रही सहभागिता

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी एवं उनकी टीम, चाइल्डलाइन, नागरिक सुरक्षा दल, ग्रासरूट संस्था देहरादून, आसरा ट्रस्ट, जिला बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी एवं टीम, एसोसिएशन फॉर वोलेंट्री एक्शन सहित अनेक स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
समर्पण संस्था की जस्ट राइट टीम की पूर्ण सहभागिता भी कार्यक्रम में रही।

बाल संरक्षण और सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

समर्पण सोसाइटी ने कहा कि यह अभियान बाल संरक्षण, बाल अधिकारों की रक्षा, किशोरियों के सशक्तिकरण और सुरक्षित भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
संस्था का मानना है कि सरकार, प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही उत्तराखंड सहित पूरे भारत को बाल विवाह मुक्त बनाया जा सकता है।

बाल विवाह मुक्ति रथ न केवल जागरूकता का माध्यम बनेगा, बल्कि समाज में सकारात्मक संवाद, व्यवहार परिवर्तन और बाल अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता को भी मजबूत करेगा।



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ