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हरिद्वार में संत निरंकारी मिशन का ‘प्रोजेक्ट अमृत’ चौथा चरण 22 फरवरी को

 

संत निरंकारी मिशन द्वारा हरिद्वार में प्रोजेक्ट अमृत के तहत स्वच्छ जल स्वच्छ मन अभियान

हरिद्वार में ‘प्रोजेक्ट अमृत’ का चौथा चरण 22 फरवरी को, स्वच्छ जल-संरक्षण के लिए संत निरंकारी मिशन का महाअभियान

हरिद्वार, 18 फरवरी 2026। जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जनजागरण को नई दिशा देते हुए संत निरंकारी मिशन द्वारा ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के अंतर्गत ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान का चौथा चरण रविवार, 22 फरवरी 2026 को प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक देशभर में एक साथ आयोजित किया जाएगा। यह अभियान परम श्रद्धेय सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के निर्देशन में संचालित होगा।

हरिद्वार के प्रमुख घाटों पर विशेष अभियान

हरिद्वार में यह स्वच्छता एवं जल संरक्षण अभियान ऋषिकुल से नये हरिद्वार तक विभिन्न प्रमुख घाटों—मालवीय घाट, श्रीराम घाट, महर्षि वाल्मीकि घाट, गोविन्द घाट एवं गुरु नानक घाट—पर चलाया जाएगा। सेवादार घाटों की सफाई, जनजागरूकता रैली तथा स्वच्छता संदेश के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराएंगे।

1500 से अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजन

मिशन के सचिव आदरणीय जोगिंदर सुखीजा जी के अनुसार, यह अभियान देशभर के 1500 से अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजित किया जाएगा, जिससे इसे ऐतिहासिक स्वरूप मिलने जा रहा है। अभियान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक यह संदेश पहुंचाना है कि जल केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार और ईश्वर की अमूल्य देन है।

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‘प्रोजेक्ट अमृत’ की पृष्ठभूमि

वर्ष 2023 में भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट अमृत’ ने अपने तीन सफल चरणों में जल स्रोतों—नदियों, झीलों, तालाबों, कुओं और झरनों—के संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। यह पहल जल संरक्षण को केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली और सामाजिक संस्कार के रूप में अपनाने का संदेश देती है।

जनजागरूकता पर विशेष जोर

अभियान के दौरान:

  • घाटों की सफाई एवं स्वच्छता अभियान

  • सामूहिक गान एवं भजन प्रस्तुतियाँ

  • जलजनित रोगों पर जागरूकता संगोष्ठियाँ

  • सोशल मीडिया के माध्यम से जनचेतना प्रसार

जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। मिशन का संदेश है कि “जब मन निर्मल होगा, तभी प्रकृति भी स्वच्छ होगी।”

भावी पीढ़ियों के लिए संदेश

सतगुरु माता जी का आह्वान है कि हम धरती को आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक स्वच्छ, संतुलित और सुंदर बनाकर सौंपें। ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान इसी संकल्प का जीवंत उदाहरण है, जो समाज को सेवा, समर्पण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरित कर रहा है।



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