राष्ट्रीय बालिका दिवस 2026: नंदा गौरा योजना से पौड़ी की बेटियों को मिला नया संबल
सरकारी योजना से शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समानता को मिल रही मजबूती
बालिका जन्म पर प्रोत्साहन, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा
ये भी देखें: राजकीय विश्वविद्यालयों के छात्रों के प्रमाण पत्र डीजी लॉकर पर होंगे उपलब्ध: डॉ. धन सिंह रावत
इंटरमीडिएट उत्तीर्ण बालिकाओं को 51 हजार की सहायता
योजना के द्वितीय चरण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद की 1990 इंटरमीडिएट उत्तीर्ण बालिकाओं को प्रति बालिका 51 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की गई। इसके तहत कुल 10 करोड़ 14 लाख 90 हजार रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी गई, जिससे बालिकाओं की उच्च शिक्षा और करियर निर्माण को नई दिशा मिली।
पांच वर्षों में 15 हजार से अधिक बालिकाएं लाभान्वित
नंदा गौरा योजना के तहत वर्ष 2021 से 2026 के बीच जनपद पौड़ी गढ़वाल में कुल 15,081 बालिकाएं लाभान्वित हुईं।
प्रथम चरण (जन्म पर सहायता): 2207 बालिकाएं
द्वितीय चरण (शिक्षा हेतु सहायता): 12,874 बालिकाएं
वर्षवार आंकड़ों के अनुसार—
2021-22: 4278
2022-23: 3251
2023-24: 3294
2024-25: 2041
2025-26: 2217 बालिकाएं योजना से जुड़ीं।
डीबीटी से पारदर्शी भुगतान, आत्मविश्वास को मिला बल
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नंदा गौरा योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बालिकाओं के आत्मविश्वास, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र बालिका इस योजना से वंचित न रहे।

0 टिप्पणियाँ