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पौड़ी गढ़वाल में जनगणना-2027 की तैयारी तेज, पहली बार पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया

 

"पौड़ी गढ़वाल में जनगणना-2027 प्रशिक्षण कार्यशाला"

पौड़ी गढ़वाल में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, डीएम ने दिए शत-प्रतिशत शुद्धता के निर्देश

पौड़ी गढ़वाल, 19 फरवरी 2026। आगामी जनगणना-2027 को त्रुटिरहित और सफल बनाने के उद्देश्य से जिला कार्यालय सभागार में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनगणना कार्य को पूर्ण गंभीरता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ संपादित करें।

डीएम ने कहा कि जनगणना देश की विकास नीतियों, योजनाओं और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण का आधार होती है, इसलिए इसकी शुद्धता सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जनगणना निदेशालय से आए अधिकारियों से अपेक्षा की कि प्रशिक्षण सत्र व्यवहारिक और संवादात्मक हों, ताकि जमीनी स्तर पर कार्य करते समय किसी प्रकार की कठिनाई न आए।

पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना

इस बार की जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होगी। पहली बार संपूर्ण प्रक्रिया शत-प्रतिशत डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी। प्रगणक एवं पर्यवेक्षक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से मोबाइल एप आधारित प्रणाली से आंकड़े संकलित करेंगे।

जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस पोर्टल) के जरिए संपूर्ण संचालन, पर्यवेक्षण और प्रबंधन किया जाएगा। डिजिटल प्रणाली लागू होने से आंकड़ों की गुणवत्ता, सटीकता और त्वरित संकलन में उल्लेखनीय सुधार की अपेक्षा है।

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जनगणना-2027 का चरणबद्ध कार्यक्रम

भारत में पिछली जनगणना वर्ष 2011 में संपन्न हुई थी। अब आगामी जनगणना-2027 का कार्यक्रम इस प्रकार प्रस्तावित है—

  • प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना): 25 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026

  • स्व-गणना सुविधा: 10 अप्रैल 2026 से 24 अप्रैल 2026 (वेब पोर्टल के माध्यम से)

  • द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना): 09 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027

  • हिमाच्छादित क्षेत्रों हेतु विशेष प्रावधान: 11 सितम्बर 2026 से 30 सितम्बर 2026

स्व-गणना की सुविधा के अंतर्गत परिवार पहली बार ऑनलाइन पोर्टल पर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिसके बाद प्रगणक द्वारा उसका सत्यापन किया जाएगा।


प्रशासनिक तैयारी और निगरानी

अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल ने जनगणना को संवैधानिक दायित्व बताते हुए चार्ज अधिकारियों को क्षेत्रीय सीमाओं का सही निर्धारण, पुनरावृत्ति से बचाव और पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उपनिदेशक जनगणना निदेशालय प्रवीण कुमार ने बताया कि जनपद की प्रत्येक तहसील एवं नगर को एक विशिष्ट जनगणना चार्ज के रूप में चिन्हित किया गया है। प्रत्येक चार्ज में एक नामित अधिकारी जियो-टैगिंग, हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों का निर्माण, सीमांकन, सत्यापन एवं वेब पोर्टल आधारित प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाएगा।

प्रशिक्षण में इन बिंदुओं पर जोर

कार्यशाला में निम्न विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया—

  • जनगणना प्रक्रिया एवं प्रपत्र भरने की विधि

  • क्षेत्र निर्धारण एवं वेब मैपिंग ऐप का उपयोग

  • क्रिएटर ऐप के माध्यम से जियो-टैगिंग

  • सीएमएमएस पोर्टल आधारित रिपोर्टिंग एवं निगरानी व्यवस्था

कार्यशाला में तहसीलदार दीवान सिंह राणा, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला सहित सभी नामित चार्ज अधिकारी एवं मास्टर ट्रेनर उपस्थित रहे।



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