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उत्तराखंड में शुरू होगी सहकारिता आधारित भारत टैक्सी सेवा | डॉ. धन सिंह रावत

 

उत्तराखंड में सहकारिता आधारित भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत की घोषणा करते सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत


उत्तराखंड में भी शुरू होगी सहकारिता आधारित ‘भारत टैक्सी’ सेवा

ड्राइवर को मिलेगा स्वामित्व, सुरक्षा और सम्मान: डॉ. धन सिंह रावत

देहरादून, 6 फरवरी 2026।
उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन को नई मजबूती देते हुए राज्य सरकार शीघ्र ही सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा शुरू करने जा रही है। यह जानकारी प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दी। उन्होंने बताया कि यह पहल केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की महत्वाकांक्षी ‘भारत टैक्सी’ योजना से प्रेरित है, जिसका शुभारंभ गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा किया गया।

डॉ. रावत ने कहा कि ‘भारत टैक्सी’ एक ऐसा सहकारी मॉडल है, जिसमें टैक्सी चालकों को केवल सेवा प्रदाता नहीं बल्कि वाहन और सेवा का वास्तविक स्वामी बनाया गया है। इस मॉडल का उद्देश्य कॉर्पोरेट कमीशन आधारित व्यवस्था के बजाय चालकों को उनके मुनाफे का सीधा अधिकार देकर आय, सुरक्षा और आत्मसम्मान को सुदृढ़ करना है।

उत्तराखंड में सहकार टैक्सी की व्यापक संभावनाएं

सहकारिता मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ-साथ अब तेजी से पर्यटन, तीर्थाटन और डेस्टिनेशन वेडिंग का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था और शांत वातावरण के कारण देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।

उन्होंने बताया कि

  • चारधाम यात्रा में प्रतिवर्ष 30 लाख से अधिक श्रद्धालु उत्तराखंड आते हैं,

  • वहीं पिछले वर्ष 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक राज्य में पहुंचे, जो अब तक का रिकॉर्ड है,

  • इनमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी शामिल रहे।

डॉ. रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उत्तराखंड के धार्मिक, पर्यटन एवं सांस्कृतिक स्थलों का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार किए जाने से राज्य में पर्यटन गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा रोजगार सृजन, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।

स्वामित्व, सुरक्षा और सम्मान होगा मूल आधार

सहकारिता मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित सहकार टैक्सी योजना में सारथी भाई-बहनों के लिए
स्वामित्व (Swamitva), सुरक्षा (Suraksha), सामाजिक कवच और सम्मान (Samman) को केंद्र में रखकर कार्य किया जाएगा।

उन्होंने कहा,

“सहकारिता आधारित टैक्सी योजना को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं। शीघ्र ही इसका विस्तृत रोडमैप तैयार कर उत्तराखंड में इस योजना को लागू किया जाएगा।”

डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत चार पहिया, तीन पहिया और दो पहिया टैक्सी वाहनों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ पर्वतीय और ग्रामीण इलाकों में भी स्थानीय युवाओं और चालकों को सीधा लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा न केवल चालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि राज्य में बढ़ते पर्यटन, चारधाम यात्रा और वेडिंग डेस्टिनेशन गतिविधियों को संगठित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर सहकारी ढांचे से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगी।



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