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उत्तराखंड में स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर आयोग सख्त, नई गाइडलाइन की तैयारी

 

Meeting on school bus and van safety rules in Uttarakhand


उत्तराखंड में स्कूल वैन, बस व ऑटो के सत्यापन और निगरानी को लेकर आयोग की अहम बैठक

स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए नई गाइडलाइन बनाने की तैयारी

देहरादून।
उत्तराखंड राज्य में विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के सुरक्षित आवागमन को लेकर उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डाॅ. गीता खन्ना की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्कूल वैन, बस, तीन पहिया वाहन, ऑटो, ई-रिक्शा आदि के सत्यापन, मॉनिटरिंग और नियम निर्धारण पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में जनपद देहरादून से संभागीय परिवहन अधिकारी डाॅ. अनीता चमोला एवं सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी पंकज श्रीवास्तव उपस्थित रहे, जबकि राज्य के अन्य सभी जनपदों ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की। आयोग की ओर से डाॅ. शिव कुमार बरनवाल (सचिव) एवं डाॅ. सतीश कुमार सिंह (अनुसचिव) भी मौजूद रहे।

बिना अनुमति चल रहे निजी वाहनों पर सख्ती

आयोग की अध्यक्ष डाॅ. गीता खन्ना ने कहा कि कई ऐसे निजी वाहन बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने में लगे हैं, जिन्हें स्कूल द्वारा अधिकृत नहीं किया गया है। ऐसे सभी प्राइवेट वैन, ऑटो, विक्रम आदि को आरटीओ से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि इन वाहनों का ड्राइवर सत्यापन, मानसिक स्थिति की जांच रिपोर्ट और पूर्ण विवरण स्कूलों में सुरक्षित रखा जाए।

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पहचान के लिए ‘येलो स्ट्रिप’ लगाने का सुझाव

बच्चों को ले जाने वाले निजी वाहनों की पहचान के लिए येलो स्ट्रिप लगाए जाने का सुझाव दिया गया, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि वाहन में स्कूली बच्चे यात्रा कर रहे हैं, साथ ही वाहन स्वामी अन्य समय में वाहन का उपयोग भी कर सके।

स्कूलों में ट्रांसपोर्ट रिकॉर्ड रखना अनिवार्य

आयोग ने निर्देशित किया कि प्रत्येक स्कूल के पास यह पूरा विवरण होना चाहिए कि बच्चे किस ट्रांसपोर्ट माध्यम से आ-जा रहे हैं। बैठक में जनपदवार परिवहन विभाग की कार्यवाही की समीक्षा की गई, जिसमें जनपद बागेश्वर की कार्यप्रणाली की सराहना की गई और अन्य जिलों को उसी मॉडल पर कार्य करने के निर्देश दिए गए।

सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण और ब्लैक स्पॉट पर निगरानी

संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि विभाग द्वारा स्कूलों में नियमित रूप से रोड सेफ्टी प्रशिक्षण दिया जा रहा है और इसके लिए नए प्रशिक्षण मॉडल पर कार्य किया जा रहा है। साथ ही राज्यभर में ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं और हर माह लोक निर्माण विभाग के साथ समीक्षा बैठक होती है।


स्कूल बसों को एक्सीडेंट रिलीफ फंड से जोड़ने के निर्देश

आयोग अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि स्कूल बसों को एक्सीडेंट रिलीफ फंड से कवर किया जाए। साथ ही बड़े स्कूलों द्वारा परिसर में पार्किंग की व्यवस्था न होने से सड़कों पर लगने वाले जाम और दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए परिवहन विभाग को स्कूलों को कड़ी हिदायत देने के निर्देश दिए।

भारी वाहनों के समय का समन्वय

खनन से जुड़ी भारी गाड़ियों के संचालन को स्कूल टाइमिंग के अनुरूप नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए, ताकि स्कूली बच्चों को दुर्घटनाओं और असुविधा से बचाया जा सके।

जल्द बनेगी प्रभावी राज्य स्तरीय गाइडलाइन

बैठक के अंत में आयोग अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि निकट भविष्य में मुख्य शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, आरटीओ, एआरटीओ और पेरेंट्स एसोसिएशन को शामिल करते हुए एक संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि स्कूली बच्चों के परिवहन को लेकर प्रभावी राज्य स्तरीय गाइडलाइन तैयार की जा सके।



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