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गणतंत्र दिवस 2026: रजत जयंती व शीतकालीन यात्रा पर सूचना विभाग की झांकी

 

गणतंत्र दिवस 2026 में परेड ग्राउंड देहरादून में सूचना विभाग की उत्तराखण्ड झांकी


गणतंत्र दिवस 2026: रजत जयंती, शीतकालीन धार्मिक यात्रा और पर्यटन को दर्शाएगी सूचना विभाग की भव्य झांकी

देहरादून।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में इस वर्ष सूचना विभाग द्वारा “रजत जयंती एवं शीतकालीन धार्मिक यात्रा व पर्यटन” विषय पर आधारित भव्य झांकी का प्रदर्शन किया जाएगा। झांकी के माध्यम से उत्तराखण्ड के 25 वर्षों की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत, तीर्थाटन और पर्यटन विकास की आकर्षक झलक प्रस्तुत की जाएगी। वर्तमान में परेड ग्राउंड में झांकी का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है।

सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप सूचना विभाग की झांकी को संयुक्त निदेशक एवं नोडल अधिकारी के.एस. चौहान के मार्गदर्शन में तैयार किया जा रहा है।

मुखवा गंगा मंदिर से होगी झांकी की शुरुआत

झांकी के प्रथम भाग में मुखवा स्थित गंगा मंदिर को दर्शाया गया है, जो माँ गंगा का शीतकालीन प्रवास स्थल है। इसके अग्रिम केबिन में उत्तराखण्ड गठन के 25 गौरवशाली वर्ष प्रदर्शित किए गए हैं, जो राज्य की विकास यात्रा, सांस्कृतिक पहचान और निरंतर प्रगति को सशक्त रूप से प्रस्तुत करते हैं।

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आयुर्वेद, होम स्टे और शीतकालीन धामों की झलक

झांकी के ट्रेलर भाग में उत्तराखण्ड को आयुर्वेद के अग्रणी राज्य के रूप में प्रदर्शित किया गया है, जहां औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों पर आधारित प्राचीन चिकित्सा पद्धति को दर्शाया गया है।
ट्रेलर के दूसरे खंड में उत्तराखण्ड की होम स्टे योजना को उकेरा गया है, जो स्थानीय रोजगार, पर्यटन संवर्धन और सतत विकास का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती है।

इसके पश्चात झांकी में खरसाली स्थित यमुना मंदिर को प्रदर्शित किया गया है, जो माँ यमुना का शीतकालीन धाम है और अपनी पौराणिक मान्यताओं, आध्यात्मिक महत्व तथा हिमालयी शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है।

स्तंभों से दिखेगी उत्तराखण्ड की सतत प्रगति

झांकी के अंतिम भाग में उठते हुए स्तंभों के माध्यम से उत्तराखण्ड की वर्ष-दर-वर्ष प्रगति और सतत विकास को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया है।
पार्श्व भाग में राज्य में लागू नये कानूनों को प्रदर्शित किया गया है, जो सुशासन और मजबूत कानून व्यवस्था के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। झांकी की पृष्ठभूमि में की गई ऐंपण कला उत्तराखण्ड की पारंपरिक लोक कला को आधुनिक दृष्टिकोण से जोड़ती है।

पिछले दो वर्षों से प्रथम पुरस्कार विजेता

सूचना विभाग की यह झांकी राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह का प्रमुख आकर्षण होगी। उल्लेखनीय है कि परेड ग्राउंड, देहरादून में सूचना विभाग द्वारा पिछले 15 वर्षों से झांकी का आयोजन किया जा रहा है तथा वर्ष 2024 और 2025 में सूचना विभाग की झांकी को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ था।


FAQ – गणतंत्र दिवस 2026 उत्तराखण्ड झांकी

Q1. गणतंत्र दिवस 2026 पर उत्तराखण्ड की झांकी किस विषय पर आधारित है?
उत्तर: उत्तराखण्ड की झांकी “रजत जयंती एवं शीतकालीन धार्मिक यात्रा व पर्यटन” विषय पर आधारित है, जिसमें राज्य के 25 वर्षों की विकास यात्रा को दर्शाया गया है।

Q2. यह झांकी कहां प्रदर्शित की जाएगी?
उत्तर: यह झांकी गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रदर्शित की जाएगी।

Q3. झांकी में किन प्रमुख स्थलों को दर्शाया गया है?
उत्तर: झांकी में मुखवा स्थित गंगा मंदिर, खरसाली का यमुना मंदिर, आयुर्वेद आधारित जड़ी-बूटियां, होम स्टे योजना और शीतकालीन धार्मिक यात्रा को प्रदर्शित किया गया है।

Q4. झांकी का निर्माण किसके निर्देशन में किया जा रहा है?
उत्तर: झांकी का निर्माण सूचना विभाग द्वारा संयुक्त निदेशक एवं नोडल अधिकारी के.एस. चौहान के निर्देशन में किया जा रहा है।

Q5. झांकी के माध्यम से क्या संदेश दिया गया है?
उत्तर: झांकी के माध्यम से उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन विकास, आयुर्वेद, स्थानीय रोजगार और सतत विकास का संदेश दिया गया है।

Q6. क्या सूचना विभाग की झांकी पहले भी पुरस्कृत हो चुकी है?
उत्तर: हां, वर्ष 2024 और 2025 में सूचना विभाग की झांकी को राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ था।



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